Mante Hai Motivational Ghazal मानते है मोटिवेशनल ग़ज़ल

 Mante Hai Motivational Ghazal

Mante Hai Motivational Ghazal

Mante Hai Motivational Ghazal

मानते है मुफलिसी में पैदा हुए है हम 
लेकिन यह ज़रूरी नहीं मुफलिसी में मरेंगे 

रखते है यह हौसला बदलेंगे तक़दीर को 
मुश्किल इन हालातों से ऐसे नहीं डरेंगे 

लोग कहते है कि तुम्हे मंज़िल नहीं मिलेगी 
हमने यह ठान लिया कि मंज़िल पर रुकेंगे 

कोशिश करते रहेंगे हम डरते नहीं है हार से 
आखिर दम तक लड़ेंगे हम ऐसे नहीं झुकेंगे 

तैरेंगे या डूबेंगे देखते है अब "विशाल"
उतरेंगे बस हम तो अब समंदर में उतरेंगे 

"विशाल"

Mante Hai Muflisi Mein Paida Hue Hai Hum
Lekin Yeh Zaroori Nahi Muflisi Mein Marenge 

Rakhte Hai Yeh Hosla Badlenge Taqdeer Ko 
Mushkil In Halaton Se Aise Nahi Darenge 

Log Kehte Hai Ki Tumhe Manzil Nahi Milegi 
Humne Yeh Thaan Liya Ki Manzil Par Rukenge 

Koshish Karte Rahenge Hum Darte Nahi Hai Haar Se
Aakhir Dum Tak Ladenge Hum Aise Nahi Jhukenge 

Tairenge Ya Dubenge Dekhte Hai Ab "Vishal"
Utarenge Bus Hum To Ab Samandar Mein Utarenge

"Vishal"

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